Drugs Free Holi Festival : होली पर्व को नशा मुक्त बनाने की ली शपथ
Drugs free Holi festival
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| Latest Hisar News : Drugs Free Holi Festival, होली पर्व को नशा मुक्त बनाने की ली शपथ |
KPS Haryana News :
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय ( HAU Hisar) के कुलपति प्रोफेसर डॉ बीआर कांबोज एवं डॉ एमएल खीचड़ डीएसडब्ल्यू के दिशा निर्देशानुसार जिला के गांव देवां में नशा के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा चक्रवर्ती सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय से डॉ रीना द्वारा तथा मुख्यवक्ता के रूप में नशा मुक्त भारत अभियान के मास्टर वालंटियर एवं सिविल अस्पताल से काउंसलर राहुल शर्मा ने शिरकत की।
राहुल शर्मा ने युवाओं को जागरूक करते हुए बताया कि कुछ दिन बाद होली का पर्व आ रहा है, जिसको हमें बड़ी खुशियों के साथ-साथ आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए मिलजुल कर मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर्व में अपने मन में उत्पन्न हुए भेदभाव को खत्म करना चाहिए। पर्व के अवसर पर कई बार युवा मौज मस्ती के लिए नशे का सहारा लेकर हुड़दंग मचाते हैं, जोकि गलत है। इसके अलावा कई कई बार तो युवा नशा कर गाडिय़ां तेज भगाते हैं, जिससे सडक़ दुर्घटना होने का भी अंदेशा बना रहता है। नशा मुक्त भारत अभियान के मास्टर वालंटियर एवं सिविल अस्पताल से काउंसलर राहुल शर्मा ने कहा कि होली पर्व को खुशी से मनाएं और नशा न करने का भी प्रण लें। उन्होंने कहा कि होली पर्व पर बहुमुल्य जल को भी बचाकर हर्बल गुलाल के साथ पर्व को मनाएं। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान की जानकारी भी प्रदान की और युवावो मास्टर वालंटियर बनने के लिए प्रेरित किया उन्होंने बताया कि यदि युवाओं में सेवाओं का भाव उत्पन्न होगा तो उसे युवा को जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि सेवा का भाव व्यक्ति को अनेक बुराइयों एवं अपराधों से दूर रखता है और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का मौका मौका देता है।
राहुल शर्मा ने युवाओं को जागरूक करते हुए ये भी बताया कि नशा एक मानसिक बीमारी है, जिसका उपचार संभव है और यदि कोई युवा गलती से नशा करना सीख गया है तो उसे पहचान देने की बजाए उसे घर से निकलने का प्रयत्न करना चाहिए। क्योंकि यदि कोई युवा नशा करना सीखना है तो उसका प्रभाव केवल उसे व्यक्ति तक ही सीमित न रहकर उसके परिवार समाज पर भी बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए हमें उन युवाओं को नशा से बचाना चाहिए और उनका समय रहते काउंसलिंग व उपचार करवाना चाहिए ताकि उनके जीवन को बचाया जा सके।
अपने संबोधन में डॉ रीना ने पहुंचे सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए बताया की स्वयंसेविकाओं ने नशा न करने की शपथ ली और शपथ लेकर अपने देश और प्रदेश को नशा मुक्त करने का प्रण भी लिया। मंच का संचालन खुशी व ऋतिका द्वारा किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवकाओं, गांव देवां सरपंच सुमन देवी, सरपंच प्रतिनिधि जयवीर, अध्यापिका मधु, सवेरिन, सुशील आदि उपस्थित रहे।
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