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| PM Modi |
बहुत ही सराहनीय पहल रेवाड़ी हरियाणा गुर्जर समाज द्वारा
इस प्रकार की पहल के लिए हर समाज को आगे आना चाहिए
KPS Haryana News :
दिनांक 03 - 03 - 2025 को ग्राम पंचायत संगवाड़ी की पंचायत मे सर्वसम्मति से निम्नलिखित विषयो पर चर्चा कर समाज सुधार के कुछ निर्णय लिए जो सभी बिरादरी को मान्य होंगे
1.D. J पर पूर्ण रूप से पाबन्दी
2.भात न्योतने के लिए जो बहन व बेटी आती है या हमारे यहां से जो महिलाये जाएंगी तो उनकी संख्या 21 से अधिक नहीं होंगी
3.किसी भी प्रोग्राम मे बर्तन नहीं बटेंगे
4.छूछक लेना व देना बिल्कुल बन्द
5.लड़की रोकने के लिए 11 आदमी जायेंगे और 11 आदमी ही जायेंगे
6.शादी मे माला की रकम 5100 रूपये से अधिक नहीं होंगी
7.शादियों मे शराब का बार नहीं लगेगा
8.शराब का ठेका गांव की सीमा मे 30 अप्रेल के बाद नहीं रहेगा
9.किसी भी प्रोग्राम मे नाई आएगा या गांव से जायेगा कोई भी 5100 रूपये से अधिक नहीं देगा
10. हिजड़ो को 2100 रूपये से अधिक नहीं दिया जायेगा
11. सिर्फ गुर्जर बिरादरी मे लग्न मे नाई व ब्राह्मण जायेंगे व गांव मे नाई व ब्राह्मण ही बुलाये जायेंगे
12. नोट :- ये फैसला ना मानने वालों के सुख व दुख मे कोई शामिल नहीं होगा उसका बहिष्कार किया जायेगा
13. पंचायत मे कमेटी का गठन किया गया है जो उपरोक्त फेसलो की निगरानी करेगी व फैसला करेगी ताकि बार बार पंचायत ना बुलानी पड़े l कमेटी मे हमेशा के लिए जो भी वर्तमान सरपंच होगा वह ईस कमेटी का अध्यक्ष होगा जो की कमेटी मे निम्नलिखित सदस्य शामिल किये गए
इस मौके पर रामसिंह छावड़ी सरपंच कमेटी अध्यक्ष , महिपाल दूधिया,रामरतन पूर्व पंच, जगत सिंह नंबरदार, रोहतास, सतप्रकाश शर्मा, दीपक शर्मा ex सरपंच, निहाल सिंह नंबरदार ex सरपंच , नन्दलाल पूर्व पंच , कप्तान रामरतन, डॉ रामपाल, हनुमान पूर्व पंच, सोमदत, लालचंद नंबरदार, यादराम, सुबेसिंह नंबरदार, राजकुमार, प्यारेलाल पूर्व तहसीलदार, प्रकाश साहब, लेखराम, संजीव कुमार, सतीश लाला, नरेश पूर्व पंच, शेरसिंह रावत पूर्व पंच, डॉ रवि, रामस्वरूप स्वामी, राजपाल स्वामी, मनोज सैन, हरिओम सैन, शेरसिंह, भगत, रमेश रोहिल्ला, श्रीचंद व समस्त ग्राम पंचायत संगवाड़ी इत्यादि मौजूद थे।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उठाई किसानों के लिए मुआवजे की मांग
Latest Hindi News Haryana :
कहा- कोरी बयानबाजी छोड़कर किसानों को हुए नुकसान का भुगतान करे बीजेपी सरकार, फलल बीमा योजना के भुगतान में 90% की गिरावट किसानों के जख्मों पर नमक के समान- हुड्डा।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य में किसानों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से फसल नुकसान की रिपोर्टिंग की व्यवस्था उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाया है, वे अपने निकटतम कृषि अधिकारी या टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर 72 घंटे के भीतर अपनी फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं।
5 मार्च को बी के हरिप्रसाद लेंगे मीटिंग,अधिकतर विधायक भूपेंद्र हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाने के पक्ष मे, उसी दिन होगी नए नेता विपक्ष की घोषणा!*
वहीं, जो किसान इस योजना के तहत पंजीकृत नहीं हैं, वे हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना नुकसान दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उनका ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कृषि मंत्री ने ऐसे किसानों से जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण करवाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जो राज्य के आबकारी एवं कराधान मंत्री भी हैं, के कुशल नेतृत्व में आबकारी एवं कराधान विभाग ने माल और सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। फरवरी, 2025 में हरियाणा में सकल जीएसटी संग्रह 9,925 करोड़ रुपये है, जबकि फरवरी 2024 में यह 8,269 करोड़ रुपये था, जो 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और राष्ट्रीय विकास औसत 10 प्रतिशत से दोगुना है।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्ववूर्ण कदम उठाते हुए दाह संस्कार के लिए ग्रीन श्मशान घाटों की अवधारणा को सही ठहराया है और सिरसा जिले के अनेक गांवों में इसे लागू किया जा चुका है।
इस अवधारणा के तहत दांह संस्कार में लकड़ी की बजाय गौकाष्ठ (गोबर के कंडे) का इस्तेमाल करना है, जिससे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। इसका श्रेय पर्यावरणविद डॉ. राम जी जैमल (गांव दड़बी, सिरसा) को जाता है।
वन अनुसंधान संस्थान देहरादून द्वारा किए गए अध्ययन से पुष्टि हुई है कि इस विधि में केवल 60 किलोग्राम गौकाष्ठ की आवश्यकता होती है, जबकि पारंपरिक दाह संस्कार में 500-600 किलोग्राम लकड़ी लगती है। इसके अलावा यह विधि कम लागत वाली, धुआं रहित और प्रतिकूल मौसम में भी प्रभावी है।
BSEH UPDATE : अंकन कार्य हेतु विद्यालय 10 मार्च तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमैंट
HBSE EXAM Update:
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव श्री अजय चोपड़ा, ह.प्र.से. ने आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में बताया कि वर्तमान में आयोजित करवाई जा रही सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी की फरवरी/मार्च-2025 परीक्षा के अंकन कार्य के लिए निकट भविष्य ड्यूटियां लगाई जानी है। सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के मुखिया स्टाफ स्टेटमैंट अपडेट करें, ताकि अंकन कार्य हेतु स्टाफ की ड्यूटी सही लग सके। स्टाफ स्टेटमैंट अपडेट करने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in लिंक आज से लाईव कर दिया गया है। सभी विद्यालय 10 मार्च, 2025 तक स्टाफ स्टेटमैंट का डाटा संशोधित/अपडेट करना सुनिश्चत करें।
उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में राजकीय व अराजकीय विद्यालयों द्वारा जो स्टाफ स्टेटमैंट भरी थी, यदि विद्यालय में कार्यरत किसी अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य के विवरणों में जैसे- किसी प्रकार के अवकाश (CCL, Medical, Privilege, Earned leave, Promotion & Any other leave) या सेवानिवृत अथवा स्थानान्तरण हुआ है, मोबाइल नम्बर में कोई संशोधन है या अन्य कोई कारण है तो उसे भी बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर समय रहते अपडेट करना सुनिश्चित करें।
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फरमान...सरकार की अनुमति के बिना अधिकारी-कर्मचारी गवाही देने कोर्ट पहुंचे तो होगी कार्रवाई, नहीं मिलेगा टीए-डीए
Latest Haryana Evening News Today :
हरियाणा सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अदालत में गवाही देने के नियमों को सख्त कर दिया है। अब बिना अनुमति के अदालत पहुंचने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी और यात्रा भत्ता और महंगाई भत्ता भी नहीं मिलेगा। सभी मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही गवाही होगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत यह प्रविधान किया गया है।
अदालती मामलों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी सभी सरकारी कर्मचारियों की गवाही
अदालत द्वारा बुलाए जाने पर भी संबंधित कर्मचारी को कार्यालय प्रमुख की लेनी होगी अनुमति
हरियाणा में अब अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकार से अनुमति लिए बगैर गवाही देने अदालत पहुंचा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों को अनाधिकृत भौतिक उपस्थिति के लिए कोई यात्रा भत्ता (टीए) और महंगाई भत्ता (डीए) भी नहीं दिया जाएगा। अदालतों में चल रहे सभी मामलों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सरकारी कर्मचारियों की गवाही होगी।
मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत यह प्रविधान किया गया है जो गवाहों की जांच और व्यक्तियों की न्यायालय में उपस्थिति को आधुनिक ऑडियो-वीडियो तकनीक के माध्यम से सुगम बनाते हैं।
इस तकनीक आधारित पहल का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों और बोर्ड-निगमों के मुख्य प्रशासकों को निर्देशित किया है।
सभी अधिकारी और कर्मचारी सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आधिकारिक क्षमता में साक्ष्य प्रस्तुति या गवाह के रूप में जांच ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रानिक माध्यम से हो।
अधिकारियों-कर्मचारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का प्रबंधन करने वाले न्यायालय अधिकारी या संबंधित लोक अभियोजक के साथ सक्रिय रूप से समन्वय स्थापित करना होगा ताकि उनकी गवाही सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
भौतिक उपस्थिति के लिए करना होगा ये काम
यदि कोई न्यायालय साक्ष्य प्रस्तुति के लिए भौतिक उपस्थिति अनिवार्य करता है तो संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यालय प्रमुख से पूर्व अनुमति लेनी होगी। उसे ऐसी उपस्थिति के विस्तृत कारण और औचित्य का उल्लेख भी करना होगा।
कार्यालय प्रमुख भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता का मूल्यांकन करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अनुमति नियमित या यांत्रिक रूप से न दी जाए। बिना अनुमोदन के अनधिकृत भौतिक उपस्थिति के लिए कोई यात्रा भत्ता (टीए) और महंगाई भत्ता (डीए) नहीं दिया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ संबंधित सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
BlumeVentures की Indus Valley Report के मुताबिक
भारत के अंदर 3 तरह के भारत बन गए हैं
• पहले भारत में
14 करोड़ लोग हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति सालाना आय 13 लाख है
•दूसरे भारत में
30 करोड़ लोग हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति सालाना आय करीब 2.62 लाख है
• तीसरे भारत में
100 करोड़ लोग हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति सालाना आय करीब 87,470 रुपए है
रिपोर्ट के मुताबिक- इस तीसरे भारत की 100 करोड़ आबादी की आमदनी अफ़्रीका के गरीब देशों जैसी है.
इनके पास खर्च के लिए अलग से पैसा बचता ही नहीं है.
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एडवोकेट सोलंकी
